राजस्थान में सबसे मीठे मतीरे, बारानी बाजरी, और बारिश से जो भी पैदावार होती है सबसे अच्छी किस्म की होती है भढा़ण क्षेत्र बिकानेर जिले की लूनकरनसर तहसील में फूलदेसर, सहनीवाला, और आस पास के क्षेत्र को भढा़ण के नाम से जाना जाता है ये पूराने बुजुर्गों ने ये नामकरण कर रखा था जो आज भी प्रसिद्ध है
rangilo rajasthani
मंगलवार, 23 सितंबर 2025
सोमवार, 2 जून 2025
रामप्यारी देवी गोदारा फूलदेसर
यशपाल बिश्नोई, गोदारा गांव, फूलदेसर।
माता जी का नाम: रामप्यारी (रजी) देवी।
पिता जी का नाम: जेताराम गोदारा।
मेरी माँ: रामप्यारी गोदारा, फूलदेसर। फोटो मेरे ब्लॉग पर उपलब्ध है 🚩🇮🇳
शनिवार, 28 फ़रवरी 2015
खांसी का उपाय
* चाय की भांति अजवायन को उबालें। छाने, नींबू या चीनी मिलाकर रोगी को दिन में दो बार पीने को दें। बहुत आराम मिलेगा।
* थोड़ा शहद लें, इसमें सुहागा पाउडर दो चुटकी डालें। इसे शहद के साथ एकसार कर मुंह के अंदर हल्का लेप करें।
* गरारों के लिए गर्म पानी में फूली फिटकरी डालें। आराम मिलेगा।
* भोजन के साथ पानी पीने की मनाही रहती है। फिर भी यदि पीना ही है तो गुनगुना पानी पीने से घी, तेल, मसालों से गला साफ होगा।
* तीन चम्मच शहद एक कटोरी में डालें। प्याज को कद्दूकस करके, इसमें मिला दें। रात भर रखें। अगले रोज दिन में तीन बार इसे चाट कर खाएं। अथवा हर बार एक तिहाई हिस्सा लेकर उसमें गुनगुना पानी डालें। पी जाएं। धीरे-धीरे।
* खांसी है, ऐसी है कि सोने भी नहीं देती तो दो कप दूध लें. इसमें अंदाज से दालचीनी डालें, उबाल कर छानें, चाय की तरह रात सोने से पूर्व पी लें। यदि इसमें शहद डालकर पीते हैं तो अधिक आराम पाएंगे।
* प्रात: खाली पेट, आधा चम्मच लहसुन का रस पीने से लाभ होगा, ताजा निकालकर लें।
* अंगूर का रस एक बार एक कप दिन में दो बार लेना आरंभ करें। इससे रोगों से लड़ने की शक्ति तो प्राप्त होगी ही, कफ खांसी भी शांत होगी।
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